महाभारत 7.77.4तेन युद्धमहं मन्ये प्राप्तकालं तवानघअत्र वो द्यूतमायातं विजयायेतराय वाtena yuddhamahaṃ manye prāptakālaṃ tavānaghaatra vo dyūtamāyātaṃ vijayāyetarāya vāइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें