महाभारत 7.79.14
तस्मिंस्तथा वर्तमाने दारुणे नादसंकुलेभीरूणां त्रासजनने शूराणां हर्षवर्धने
tasmiṃstathā vartamāne dāruṇe nādasaṃkulebhīrūṇāṃ trāsajanane śūrāṇāṃ harṣavardhane
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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