महाभारत 7.8.24
उताहो सर्वसैन्येन धर्मराजः सहानुजःपाञ्चाल्यप्रग्रहो द्रोणं सर्वतः समवारयत्
utāho sarvasainyena dharmarājaḥ sahānujaḥpāñcālyapragraho droṇaṃ sarvataḥ samavārayat
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें