महाभारत 7.8.8श्रुत्वा हतं रुक्मरथं वैयाघ्रपरिवारणम्जातरूपपरिष्कारं नाद्य शोकमपानुदेśrutvā hataṃ rukmarathaṃ vaiyāghraparivāraṇamjātarūpapariṣkāraṃ nādya śokamapānudeइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें