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महाभारत 7.81.32
तामापतन्तीं सहसा प्रेक्ष्य द्रोणो विशां पतेप्रादुश्चक्रे ततो ब्राह्ममस्त्रमस्त्रविदां वरः
tāmāpatantīṃ sahasā prekṣya droṇo viśāṃ pateprāduścakre tato brāhmamastramastravidāṃ varaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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