महाभारत 7.84.17
तं क्रुद्धं राक्षसं युद्धे प्रतिक्रुद्धस्तु राक्षसःहैडिम्बो भरतश्रेष्ठ शरैर्विव्याध सप्तभिः
taṃ kruddhaṃ rākṣasaṃ yuddhe pratikruddhastu rākṣasaḥhaiḍimbo bharataśreṣṭha śarairvivyādha saptabhiḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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