महाभारत 7.85.94
संभावना हि लोकस्य तव पार्थस्य चोभयोःनान्यथा तां महाबाहो संप्रकर्तुमिहार्हसि
saṃbhāvanā hi lokasya tava pārthasya cobhayoḥnānyathā tāṃ mahābāho saṃprakartumihārhasi
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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