महाभारत 7.86.11
अद्य माधव राजानमप्रमत्तोऽनुपालयआर्यां युद्धे मतिं कृत्वा यावद्धन्मि जयद्रथम्
adya mādhava rājānamapramatto'nupālayaāryāṃ yuddhe matiṃ kṛtvā yāvaddhanmi jayadratham
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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