महाभारत 7.89.15
गते सैन्यार्णवं भित्त्वा तरसा पाण्डवर्षभेसंजयैकरथेनैव युयुधाने च मामकम्
gate sainyārṇavaṃ bhittvā tarasā pāṇḍavarṣabhesaṃjayaikarathenaiva yuyudhāne ca māmakam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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