महाभारत 7.9.3
पतितं चैनमाज्ञाय समन्ताद्भरतस्त्रियःपरिवव्रुर्महाराजमस्पृशंश्चैव पाणिभिः
patitaṃ cainamājñāya samantādbharatastriyaḥparivavrurmahārājamaspṛśaṃścaiva pāṇibhiḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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