महाभारत 7.90.9
तत्राद्भुतममन्यन्त हार्दिक्यस्य पराक्रमम्यदेनं सहिताः पार्था नातिचक्रमुराहवे
tatrādbhutamamanyanta hārdikyasya parākramamyadenaṃ sahitāḥ pārthā nāticakramurāhave
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें