महाभारत 7.93.2स संप्रहारस्तुमुलो द्रोणसात्वतयोरभूत्पश्यतां सर्वसैन्यानां बलिवासवयोरिवsa saṃprahārastumulo droṇasātvatayorabhūtpaśyatāṃ sarvasainyānāṃ balivāsavayorivaइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें