महाभारत 7.98.23
सैन्येन महता युक्तो म्लेच्छानामनिवर्तिनाम्आसाद्य च रणे यत्तो युयुधानमयोधयत्
sainyena mahatā yukto mlecchānāmanivartināmāsādya ca raṇe yatto yuyudhānamayodhayat
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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