महाभारत 8.1.14
ततः प्रववृते युद्धं तुमुलं रोमहर्षणम्कुरूणां पाण्डवानां च परस्परवधैषिणाम्
tataḥ pravavṛte yuddhaṃ tumulaṃ romaharṣaṇamkurūṇāṃ pāṇḍavānāṃ ca parasparavadhaiṣiṇām
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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