महाभारत 8.12.15
चन्द्रार्कानिलवह्नीनां कान्तिदीप्तिबलद्युतीःयौ सदा बिभ्रतुर्वीरौ ताविमौ केशवार्जुनौ
candrārkānilavahnīnāṃ kāntidīptibaladyutīḥyau sadā bibhraturvīrau tāvimau keśavārjunau
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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