महाभारत 8.17.47पिपीलिकापुटं राजन्यथामृद्नान्नरो रुषातथा सा कौरवी सेना मृदिता तेन भारतpipīlikāpuṭaṃ rājanyathāmṛdnānnaro ruṣātathā sā kauravī senā mṛditā tena bhārataइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें