महाभारत 8.18.2युयुत्सुस्तु ततो राजञ्शितधारेण पत्रिणाउलूकं ताडयामास वज्रेणेन्द्र इवाचलम्yuyutsustu tato rājañśitadhāreṇa patriṇāulūkaṃ tāḍayāmāsa vajreṇendra ivācalamइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें