महाभारत 8.18.56
वेपथुं च शरीरे मे रोमहर्षं च पश्य वैवर्जयन्ब्राह्मणं युद्धे शनैर्याहि यतोऽच्युतः
vepathuṃ ca śarīre me romaharṣaṃ ca paśya vaivarjayanbrāhmaṇaṃ yuddhe śanairyāhi yato'cyutaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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