महाभारत 8.20.2
तथा तु मे कथयसे यथा युद्धं तु वर्ततेन सन्ति सूत कौरव्या इति मे नैष्ठिकी मतिः
tathā tu me kathayase yathā yuddhaṃ tu vartatena santi sūta kauravyā iti me naiṣṭhikī matiḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें