महाभारत 8.22.31
बहुत्वान्मम कार्याणां तथा पार्थस्य पार्थिवनाभूत्समागमो राजन्मम चैवार्जुनस्य च
bahutvānmama kāryāṇāṃ tathā pārthasya pārthivanābhūtsamāgamo rājanmama caivārjunasya ca
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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