महाभारत 8.22.52
रथाश्च मुख्या राजेन्द्र युक्ता वाजिभिरुत्तमैःआयान्तु पश्चात्सततं मामेव भरतर्षभ
rathāśca mukhyā rājendra yuktā vājibhiruttamaiḥāyāntu paścātsatataṃ māmeva bharatarṣabha
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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