महाभारत 8.24.23तारकाक्षसुतश्चासीद्धरिर्नाम महाबलःतपस्तेपे परमकं येनातुष्यत्पितामहःtārakākṣasutaścāsīddharirnāma mahābalaḥtapastepe paramakaṃ yenātuṣyatpitāmahaḥइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें