महाभारत 8.24.40ते तं ददृशुरीशानं तेजोराशिमुमापतिम्अनन्यसदृशं लोके व्रतवन्तमकल्मषम्te taṃ dadṛśurīśānaṃ tejorāśimumāpatimananyasadṛśaṃ loke vratavantamakalmaṣamइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें