महाभारत 8.30.40
पुत्रसंकरिणो जाल्माः सर्वान्नक्षीरभोजनाःआरट्टा नाम बाह्लीका वर्जनीया विपश्चिता
putrasaṃkariṇo jālmāḥ sarvānnakṣīrabhojanāḥāraṭṭā nāma bāhlīkā varjanīyā vipaścitā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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