महाभारत 8.30.56
एतन्मया श्रुतं तत्र धर्मसंकरकारकम्कृत्स्नामटित्वा पृथिवीं बाह्लीकेषु विपर्ययः
etanmayā śrutaṃ tatra dharmasaṃkarakārakamkṛtsnāmaṭitvā pṛthivīṃ bāhlīkeṣu viparyayaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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