महाभारत 8.34.39स विसृष्टो बलवता बाणो वज्राशनिस्वनःअदारयद्रणे कर्णं वज्रवेग इवाचलम्sa visṛṣṭo balavatā bāṇo vajrāśanisvanaḥadārayadraṇe karṇaṃ vajravega ivācalamइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें