महाभारत 8.37.38
तत्र युद्धं महद्ध्यासीत्तावकानां विशां पतेशूरेण बलिना सार्धं पाण्डवेन किरीटिना
tatra yuddhaṃ mahaddhyāsīttāvakānāṃ viśāṃ pateśūreṇa balinā sārdhaṃ pāṇḍavena kirīṭinā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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