महाभारत 8.39.23अथान्यद्धनुरादाय द्रोणपुत्रः प्रतापवान्शैनेयं शरवर्षेण छादयामास भारतathānyaddhanurādāya droṇaputraḥ pratāpavānśaineyaṃ śaravarṣeṇa chādayāmāsa bhārataइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें