महाभारत 8.39.29
दृष्ट्वा ते च महाराज द्रोणपुत्रपराक्रमम्निहतान्मेनिरे सर्वान्पाण्डून्द्रोणसुतेन वै
dṛṣṭvā te ca mahārāja droṇaputraparākramamnihatānmenire sarvānpāṇḍūndroṇasutena vai
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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