महाभारत 8.4.70जनमेजयो गदायोधी पार्वतीयः प्रतापवान्दुर्मुखेन महाराज तव पुत्रेण पातितःjanamejayo gadāyodhī pārvatīyaḥ pratāpavāndurmukhena mahārāja tava putreṇa pātitaḥइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें