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महाभारत 8.40.88
तौ विदार्य महासेनां प्रविष्टौ केशवार्जुनौक्रुद्धौ संरम्भरक्ताक्षौ व्यभ्राजेतां महाद्युती
tau vidārya mahāsenāṃ praviṣṭau keśavārjunaukruddhau saṃrambharaktākṣau vyabhrājetāṃ mahādyutī
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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