महाभारत 8.40.89
युद्धशौण्डौ समाहूतावरिभिस्तौ रणाध्वरम्यज्वभिर्विधिनाहूतौ मखे देवाविवाश्विनौ
yuddhaśauṇḍau samāhūtāvaribhistau raṇādhvaramyajvabhirvidhināhūtau makhe devāvivāśvinau
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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