महाभारत 8.49.54
यः स्तेनैः सह संबन्धान्मुच्यते शपथैरपिश्रेयस्तत्रानृतं वक्तुं तत्सत्यमविचारितम्
yaḥ stenaiḥ saha saṃbandhānmucyate śapathairapiśreyastatrānṛtaṃ vaktuṃ tatsatyamavicāritam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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