महाभारत 8.49.58
भवान्मातृसमोऽस्माकं तथा पितृसमोऽपि चगतिश्च परमा कृष्ण तेन ते वाक्यमद्भुतम्
bhavānmātṛsamo'smākaṃ tathā pitṛsamo'pi cagatiśca paramā kṛṣṇa tena te vākyamadbhutam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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