महाभारत 8.49.7
तत्त्वा पृच्छामि कौन्तेय किमिदं ते चिकीर्षितम्परामृशसि यत्क्रुद्धः खड्गमद्भुतविक्रम
tattvā pṛcchāmi kaunteya kimidaṃ te cikīrṣitamparāmṛśasi yatkruddhaḥ khaḍgamadbhutavikrama
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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