महाभारत 8.49.9
दद गाण्डीवमन्यस्मा इति मां योऽभिचोदयेत्छिन्द्यामहं शिरस्तस्य इत्युपांशुव्रतं मम
dada gāṇḍīvamanyasmā iti māṃ yo'bhicodayetchindyāmahaṃ śirastasya ityupāṃśuvrataṃ mama
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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