महाभारत 8.52.7
अयं खलु स संग्रामो यत्र कृष्ण मया कृतम्कथयिष्यन्ति भूतानि यावद्भूमिर्धरिष्यति
ayaṃ khalu sa saṃgrāmo yatra kṛṣṇa mayā kṛtamkathayiṣyanti bhūtāni yāvadbhūmirdhariṣyati
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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