महाभारत 8.6.39
जय पार्थान्सगोविन्दान्सानुगांस्त्वं महाहवेइति तं बन्दिनः प्राहुर्द्विजाश्च भरतर्षभ
jaya pārthānsagovindānsānugāṃstvaṃ mahāhaveiti taṃ bandinaḥ prāhurdvijāśca bharatarṣabha
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें