महाभारत 8.69.26
एवमुक्त्वा महाराज तं रथं हेमभूषितम्दन्तवर्णैर्हयैर्युक्तं कालवालैर्महारथः
evamuktvā mahārāja taṃ rathaṃ hemabhūṣitamdantavarṇairhayairyuktaṃ kālavālairmahārathaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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