महाभारत 8.69.36
नकुलः सहदेवश्च पाण्डवश्च वृकोदरःसात्यकिश्च महाराज वृष्णीनां प्रवरो रथः
nakulaḥ sahadevaśca pāṇḍavaśca vṛkodaraḥsātyakiśca mahārāja vṛṣṇīnāṃ pravaro rathaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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