महाभारत 8.7.32
एवमेतन्महाव्यूहं व्यूह्य भारत पाण्डवाःतावकाश्च महेष्वासा युद्धायैव मनो दधुः
evametanmahāvyūhaṃ vyūhya bhārata pāṇḍavāḥtāvakāśca maheṣvāsā yuddhāyaiva mano dadhuḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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