महाभारत 8.8.22
स नागप्रवरोऽत्युग्रो विधिवत्कल्पितो बभौउदयाद्र्यग्र्यभवनं यथाभ्युदितभास्करम्
sa nāgapravaro'tyugro vidhivatkalpito babhauudayādryagryabhavanaṃ yathābhyuditabhāskaram
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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