महाभारत 8.8.2
ततो गजा रथाश्चाश्वाः पत्तयश्च महाहवेसंप्रहारं परं चक्रुर्देहपाप्मप्रणाशनम्
tato gajā rathāścāśvāḥ pattayaśca mahāhavesaṃprahāraṃ paraṃ cakrurdehapāpmapraṇāśanam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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