महाभारत 8.9.32सवर्मा केकयो राजन्द्विधा छिन्नो महाहवेनिपपात महेष्वासो वज्रनुन्न इवाचलःsavarmā kekayo rājandvidhā chinno mahāhavenipapāta maheṣvāso vajranunna ivācalaḥइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें