महाभारत 9.1.22
दृष्ट्वा चासीनमनघं समन्तात्परिवारितम्स्नुषाभिर्भरतश्रेष्ठ गान्धार्या विदुरेण च
dṛṣṭvā cāsīnamanaghaṃ samantātparivāritamsnuṣābhirbharataśreṣṭha gāndhāryā vidureṇa ca
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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