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महाभारत 9.1.38
तस्मिन्निपतिते भूमौ विदुरोऽपि महायशाःनिपपात महाराज राजव्यसनकर्शितः
tasminnipatite bhūmau viduro'pi mahāyaśāḥnipapāta mahārāja rājavyasanakarśitaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंतस्मिन्निपतिते भूमौ विदुरोऽपि महायशाःनिपपात महाराज राजव्यसनकर्शितः
tasminnipatite bhūmau viduro'pi mahāyaśāḥnipapāta mahārāja rājavyasanakarśitaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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