महाभारत 9.1.41
कृच्छ्रेण तु ततो राजा धृतराष्ट्रो महीपतिःशनैरलभत प्राणान्पुत्रव्यसनकर्शितः
kṛcchreṇa tu tato rājā dhṛtarāṣṭro mahīpatiḥśanairalabhata prāṇānputravyasanakarśitaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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