महाभारत 9.1.8
शल्यं सेनापतिं कृत्वा विधिवद्राजपुंगवःरणाय निर्ययौ राजा हतशेषैर्नृपैः सह
śalyaṃ senāpatiṃ kṛtvā vidhivadrājapuṃgavaḥraṇāya niryayau rājā hataśeṣairnṛpaiḥ saha
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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