महाभारत 9.13.28
हताश्वे तु रथे तिष्ठन्द्रोणपुत्रस्त्वयस्मयम्मुसलं पाण्डुपुत्राय चिक्षेप परिघोपमम्
hatāśve tu rathe tiṣṭhandroṇaputrastvayasmayammusalaṃ pāṇḍuputrāya cikṣepa parighopamam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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