महाभारत 9.25.34
भीमसेनस्तु कौन्तेयो हत्वा युद्धे सुतांस्तवमेने कृतार्थमात्मानं सफलं जन्म च प्रभो
bhīmasenastu kaunteyo hatvā yuddhe sutāṃstavamene kṛtārthamātmānaṃ saphalaṃ janma ca prabho
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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